भारत में फोरेंसिक साइकोलॉजिस्ट कैसे बनें
अपराधी की मानसिक स्थिति का आकलन करता है; अदालतों, जेलों और पुलिस के साथ काम करता है।
एक नज़र में
| क्षेत्र | कानून और सरकार |
| योग्यता का समय | 2+ वर्ष |
| प्रवेश परीक्षा | State PSC |
| परीक्षा तीव्रता | कम |
| वेतन सीमा | ₹4–25 LPA |
| Class 10 के बाद स्ट्रीम | कॉमर्स, आर्ट्स / मानविकी |
रास्ता (Class 10 से)
M.A./M.Sc साइकोलॉजी + PhD या डिप्लोमा इन फोरेंसिक साइकोलॉजी
एक दिन की झलक
आप एक गवाह का इंटरव्यू लेते हैं, एक जांच के लिए CCTV फुटेज की समीक्षा करते हैं, एक अदालती सुनवाई में शामिल होते हैं, और एक चल रहे मामले पर फील्ड टीम के साथ समन्वय करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत में फोरेंसिक साइकोलॉजिस्ट कैसे बनें?
सामान्य रास्ता है: M.A./M.Sc साइकोलॉजी + PhD या डिप्लोमा इन फोरेंसिक साइकोलॉजी। इसमें लगभग 2+ वर्ष लगते हैं।
फोरेंसिक साइकोलॉजिस्ट के लिए कौन-सी प्रवेश परीक्षा चाहिए?
मुख्य प्रवेश परीक्षा State PSC है।
भारत में फोरेंसिक साइकोलॉजिस्ट का वेतन कितना है?
वेतन आमतौर पर लगभग ₹4–25 LPA (शुरुआती से वरिष्ठ स्तर तक) होता है।
फोरेंसिक साइकोलॉजिस्ट के लिए मुझे कौन-सी स्ट्रीम चुननी चाहिए?
Class 10 के बाद अनुशंसित स्ट्रीम: कॉमर्स, आर्ट्स / मानविकी।
क्या यह करियर आपके लिए सही है?
मुफ्त 45-प्रश्नों वाला RIASEC टेस्ट लें और देखें कि फोरेंसिक साइकोलॉजिस्ट आपके व्यक्तित्व से कितना मेल खाता है।
मुफ्त टेस्ट लें →