भारत में कॉन्स्टिट्यूशनल लॉयर कैसे बनें
संवैधानिक वैधता, नागरिक स्वतंत्रता, जनहित याचिकाओं पर बहस करता है।
एक नज़र में
| क्षेत्र | कानून और सरकार |
| योग्यता का समय | 4+ वर्ष |
| प्रवेश परीक्षा | CLAT |
| परीक्षा तीव्रता | अधिक |
| वेतन सीमा | ₹6–50 LPA |
| Class 10 के बाद स्ट्रीम | कॉमर्स, आर्ट्स / मानविकी |
रास्ता (Class 10 से)
LLB + LLM कॉन्स्टिट्यूशनल लॉ; सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस
एक दिन की झलक
आप सुबह की सुनवाई के लिए केस नोट्स तैयार करते हैं, 45 मिनट तक जज के सामने बहस करते हैं, एक नए क्लाइंट से मिलकर उनके संपत्ति विवाद को समझते हैं, और एक नज़ीर (प्रिसिडेंट) पर शोध करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत में कॉन्स्टिट्यूशनल लॉयर कैसे बनें?
सामान्य रास्ता है: LLB + LLM कॉन्स्टिट्यूशनल लॉ; सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस। इसमें लगभग 4+ वर्ष लगते हैं।
कॉन्स्टिट्यूशनल लॉयर के लिए कौन-सी प्रवेश परीक्षा चाहिए?
मुख्य प्रवेश परीक्षा CLAT है।
भारत में कॉन्स्टिट्यूशनल लॉयर का वेतन कितना है?
वेतन आमतौर पर लगभग ₹6–50 LPA (शुरुआती से वरिष्ठ स्तर तक) होता है।
कॉन्स्टिट्यूशनल लॉयर के लिए मुझे कौन-सी स्ट्रीम चुननी चाहिए?
Class 10 के बाद अनुशंसित स्ट्रीम: कॉमर्स, आर्ट्स / मानविकी।
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