भारत में वकील / एडवोकेट कैसे बनें
अदालत में सिविल, आपराधिक या संवैधानिक मामलों में क्लाइंट का प्रतिनिधित्व करता है।
एक नज़र में
| क्षेत्र | कानून और सरकार |
| योग्यता का समय | 5+ वर्ष |
| प्रवेश परीक्षा | CLAT |
| परीक्षा तीव्रता | अधिक |
| वेतन सीमा | ₹5–50 LPA |
| Class 10 के बाद स्ट्रीम | कॉमर्स, आर्ट्स / मानविकी |
रास्ता (Class 10 से)
LLB (3 वर्ष) या BA/BBA/B.Tech + LLB (5 वर्ष इंटीग्रेटेड); बार काउंसिल में पंजीकरण
एक दिन की झलक
आपकी सुबह आने वाली अदालती तारीख के लिए तर्क तैयार करने में जाती है, दोपहर केस लॉ की जांच में, और आप एक क्लाइंट कॉल के साथ अपना दिन समाप्त करते हैं जिसमें रणनीति समझाई जाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत में वकील / एडवोकेट कैसे बनें?
सामान्य रास्ता है: LLB (3 वर्ष) या BA/BBA/B.Tech + LLB (5 वर्ष इंटीग्रेटेड); बार काउंसिल में पंजीकरण। इसमें लगभग 5+ वर्ष लगते हैं।
वकील / एडवोकेट के लिए कौन-सी प्रवेश परीक्षा चाहिए?
मुख्य प्रवेश परीक्षा CLAT है।
भारत में वकील / एडवोकेट का वेतन कितना है?
वेतन आमतौर पर लगभग ₹5–50 LPA (शुरुआती से वरिष्ठ स्तर तक) होता है।
वकील / एडवोकेट के लिए मुझे कौन-सी स्ट्रीम चुननी चाहिए?
Class 10 के बाद अनुशंसित स्ट्रीम: कॉमर्स, आर्ट्स / मानविकी।
क्या यह करियर आपके लिए सही है?
मुफ्त 45-प्रश्नों वाला RIASEC टेस्ट लें और देखें कि वकील / एडवोकेट आपके व्यक्तित्व से कितना मेल खाता है।
मुफ्त टेस्ट लें →