भारत में साइकोलॉजिस्ट (क्लिनिकल) कैसे बनें
थेरेपी के जरिए मानसिक स्वास्थ्य विकारों का आकलन और उपचार करता है (दवा नहीं)।
एक नज़र में
| क्षेत्र | सामाजिक और कल्याण |
| योग्यता का समय | 4+ वर्ष |
| प्रवेश परीक्षा | TISS NET |
| परीक्षा तीव्रता | मध्यम |
| वेतन सीमा | ₹4–25 LPA |
| Class 10 के बाद स्ट्रीम | आर्ट्स / मानविकी, कोई भी स्ट्रीम |
रास्ता (Class 10 से)
MA/M.Sc साइकोलॉजी → MPhil क्लिनिकल साइकोलॉजी (RCI मान्यता प्राप्त) → PhD
एक दिन की झलक
आप हर एक 50 मिनट के 4 थेरेपी सेशन लेते हैं, हर सेशन के बाद क्लिनिकल नोट्स बनाए रखते हैं, और दिन के अंत में एक चुनौतीपूर्ण केस के लिए शोध की समीक्षा करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत में साइकोलॉजिस्ट (क्लिनिकल) कैसे बनें?
सामान्य रास्ता है: MA/M.Sc साइकोलॉजी → MPhil क्लिनिकल साइकोलॉजी (RCI मान्यता प्राप्त) → PhD। इसमें लगभग 4+ वर्ष लगते हैं।
साइकोलॉजिस्ट (क्लिनिकल) के लिए कौन-सी प्रवेश परीक्षा चाहिए?
मुख्य प्रवेश परीक्षा TISS NET है।
भारत में साइकोलॉजिस्ट (क्लिनिकल) का वेतन कितना है?
वेतन आमतौर पर लगभग ₹4–25 LPA (शुरुआती से वरिष्ठ स्तर तक) होता है।
साइकोलॉजिस्ट (क्लिनिकल) के लिए मुझे कौन-सी स्ट्रीम चुननी चाहिए?
Class 10 के बाद अनुशंसित स्ट्रीम: आर्ट्स / मानविकी, कोई भी स्ट्रीम।
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