भारत में क्राइसिस काउंसलर (संकट परामर्शदाता) कैसे बनें

आपातकाल या आत्महत्या के जोखिम के दौरान तुरंत मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करता है।

एक नज़र में

क्षेत्रसामाजिक और कल्याण
योग्यता का समय2+ वर्ष
प्रवेश परीक्षाTISS NET
परीक्षा तीव्रतामध्यम
वेतन सीमा₹3–18 LPA
Class 10 के बाद स्ट्रीमआर्ट्स / मानविकी, कोई भी स्ट्रीम

रास्ता (Class 10 से)

MA साइकोलॉजी + क्राइसिस इंटरवेंशन में प्रशिक्षण

एक दिन की झलक

आप क्लाइंट्स या समुदाय के सदस्यों से मिलते हैं, उनकी जरूरतों का आकलन करते हैं, उन्हें सेवाओं या संसाधनों से जोड़ते हैं, और समय के साथ प्रगति को ट्रैक करने के लिए अपने केसवर्क का दस्तावेजीकरण करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत में क्राइसिस काउंसलर (संकट परामर्शदाता) कैसे बनें?

सामान्य रास्ता है: MA साइकोलॉजी + क्राइसिस इंटरवेंशन में प्रशिक्षण। इसमें लगभग 2+ वर्ष लगते हैं।

क्राइसिस काउंसलर (संकट परामर्शदाता) के लिए कौन-सी प्रवेश परीक्षा चाहिए?

मुख्य प्रवेश परीक्षा TISS NET है।

भारत में क्राइसिस काउंसलर (संकट परामर्शदाता) का वेतन कितना है?

वेतन आमतौर पर लगभग ₹3–18 LPA (शुरुआती से वरिष्ठ स्तर तक) होता है।

क्राइसिस काउंसलर (संकट परामर्शदाता) के लिए मुझे कौन-सी स्ट्रीम चुननी चाहिए?

Class 10 के बाद अनुशंसित स्ट्रीम: आर्ट्स / मानविकी, कोई भी स्ट्रीम।

क्या यह करियर आपके लिए सही है?

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