भारत में पीरियोडोंटिस्ट कैसे बनें
मसूड़ों की बीमारी, गम ग्राफ्ट और डेंटल इम्प्लांट लगाने का इलाज करते हैं।
एक नज़र में
| क्षेत्र | स्वास्थ्य सेवा |
| योग्यता का समय | 4+ वर्ष |
| प्रवेश परीक्षा | NEET |
| परीक्षा तीव्रता | अधिक |
| वेतन सीमा | ₹5–40 LPA |
| Class 10 के बाद स्ट्रीम | विज्ञान (PCB) |
रास्ता (Class 10 से)
BDS → MDS पीरियोडोंटिक्स
एक दिन की झलक
आप मसूड़े सिकुड़ने की समस्या वाले एक मरीज़ का गम ग्राफ्ट करते हैं, फिर लोकल एनेस्थीसिया के तहत किसी और की जड़ों की गहरी सफाई करते हैं। हर सेशन में सटीकता और धैर्य दोनों ज़रूरी होते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत में पीरियोडोंटिस्ट कैसे बनें?
सामान्य रास्ता है: BDS → MDS पीरियोडोंटिक्स। इसमें लगभग 4+ वर्ष लगते हैं।
पीरियोडोंटिस्ट के लिए कौन-सी प्रवेश परीक्षा चाहिए?
मुख्य प्रवेश परीक्षा NEET है।
भारत में पीरियोडोंटिस्ट का वेतन कितना है?
वेतन आमतौर पर लगभग ₹5–40 LPA (शुरुआती से वरिष्ठ स्तर तक) होता है।
पीरियोडोंटिस्ट के लिए मुझे कौन-सी स्ट्रीम चुननी चाहिए?
Class 10 के बाद अनुशंसित स्ट्रीम: विज्ञान (PCB)।
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