भारत में कार्डियोथोरेसिक सर्जन कैसे बनें
दिल, फेफड़ों और छाती का ऑपरेशन करते हैं — बाईपास सर्जरी, वाल्व की मरम्मत।
एक नज़र में
| क्षेत्र | स्वास्थ्य सेवा |
| योग्यता का समय | 6+ वर्ष |
| प्रवेश परीक्षा | NEET |
| परीक्षा तीव्रता | अधिक |
| वेतन सीमा | ₹8–80 LPA |
| Class 10 के बाद स्ट्रीम | विज्ञान (PCB) |
रास्ता (Class 10 से)
MBBS → MS → MCh कार्डियोथोरेसिक सर्जरी
एक दिन की झलक
आप IoT सेंसरों के एक समूह को कॉन्फ़िगर करते हैं, स्मार्ट बिल्डिंग इंस्टॉलेशन में कनेक्टिविटी की खराबी को ठीक करते हैं, और असामान्य पैटर्न के लिए टाइम-सीरीज़ डेटा का विश्लेषण करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत में कार्डियोथोरेसिक सर्जन कैसे बनें?
सामान्य रास्ता है: MBBS → MS → MCh कार्डियोथोरेसिक सर्जरी। इसमें लगभग 6+ वर्ष लगते हैं।
कार्डियोथोरेसिक सर्जन के लिए कौन-सी प्रवेश परीक्षा चाहिए?
मुख्य प्रवेश परीक्षा NEET है।
भारत में कार्डियोथोरेसिक सर्जन का वेतन कितना है?
वेतन आमतौर पर लगभग ₹8–80 LPA (शुरुआती से वरिष्ठ स्तर तक) होता है।
कार्डियोथोरेसिक सर्जन के लिए मुझे कौन-सी स्ट्रीम चुननी चाहिए?
Class 10 के बाद अनुशंसित स्ट्रीम: विज्ञान (PCB)।
क्या यह करियर आपके लिए सही है?
मुफ्त 45-प्रश्नों वाला RIASEC टेस्ट लें और देखें कि कार्डियोथोरेसिक सर्जन आपके व्यक्तित्व से कितना मेल खाता है।
मुफ्त टेस्ट लें →