भारत में पैलिएटिव केयर स्पेशलिस्ट कैसे बनें

गंभीर या असाध्य बीमारी से जूझ रहे मरीजों को दर्द से राहत और भावनात्मक सहारा देता है।

एक नज़र में

क्षेत्रस्वास्थ्य सेवा
योग्यता का समय6+ वर्ष
प्रवेश परीक्षाNEET
परीक्षा तीव्रताअधिक
वेतन सीमा₹8–50 LPA
Class 10 के बाद स्ट्रीमविज्ञान (PCB)

रास्ता (Class 10 से)

MBBS → MD Palliative Medicine या फेलोशिप

एक दिन की झलक

आप सुबह वार्ड राउंड से शुरुआत करते हैं, मरीजों की जांच करते हैं, इलाज की योजना अपडेट करते हैं, और दोपहर की आउटपेशेंट क्लिनिक से पहले जटिल मामलों पर सहकर्मियों से सलाह लेते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत में पैलिएटिव केयर स्पेशलिस्ट कैसे बनें?

सामान्य रास्ता है: MBBS → MD Palliative Medicine या फेलोशिप। इसमें लगभग 6+ वर्ष लगते हैं।

पैलिएटिव केयर स्पेशलिस्ट के लिए कौन-सी प्रवेश परीक्षा चाहिए?

मुख्य प्रवेश परीक्षा NEET है।

भारत में पैलिएटिव केयर स्पेशलिस्ट का वेतन कितना है?

वेतन आमतौर पर लगभग ₹8–50 LPA (शुरुआती से वरिष्ठ स्तर तक) होता है।

पैलिएटिव केयर स्पेशलिस्ट के लिए मुझे कौन-सी स्ट्रीम चुननी चाहिए?

Class 10 के बाद अनुशंसित स्ट्रीम: विज्ञान (PCB)।

क्या यह करियर आपके लिए सही है?

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