भारत में न्यूरोसाइकोलॉजिस्ट कैसे बनें
मस्तिष्क की चोट या न्यूरोलॉजिकल स्थितियों के कारण होने वाले संज्ञानात्मक और व्यवहार संबंधी विकारों का आकलन और इलाज करता है।
एक नज़र में
| क्षेत्र | मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण |
| योग्यता का समय | 6+ वर्ष |
| प्रवेश परीक्षा | NEET / University entrance |
| परीक्षा तीव्रता | मध्यम |
| वेतन सीमा | ₹6–40 LPA |
| Class 10 के बाद स्ट्रीम | विज्ञान (PCB), आर्ट्स / मानविकी |
रास्ता (Class 10 से)
MBBS / B.Sc Psych → M.Phil Clinical Psychology / PhD Neuropsychology → RCI
एक दिन की झलक
आप 4 थेरेपी सेशन लेते हैं — शोक, चिंता, रिश्तों से जुड़ी समस्याएं — विस्तृत केस नोट्स लिखते हैं, और एक जटिल मामले पर मनोचिकित्सक से सलाह लेते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत में न्यूरोसाइकोलॉजिस्ट कैसे बनें?
सामान्य रास्ता है: MBBS / B.Sc Psych → M.Phil Clinical Psychology / PhD Neuropsychology → RCI। इसमें लगभग 6+ वर्ष लगते हैं।
न्यूरोसाइकोलॉजिस्ट के लिए कौन-सी प्रवेश परीक्षा चाहिए?
मुख्य प्रवेश परीक्षा NEET / University entrance है।
भारत में न्यूरोसाइकोलॉजिस्ट का वेतन कितना है?
वेतन आमतौर पर लगभग ₹6–40 LPA (शुरुआती से वरिष्ठ स्तर तक) होता है।
न्यूरोसाइकोलॉजिस्ट के लिए मुझे कौन-सी स्ट्रीम चुननी चाहिए?
Class 10 के बाद अनुशंसित स्ट्रीम: विज्ञान (PCB), आर्ट्स / मानविकी।
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