भारत में रिहैबिलिटेशन साइकोलॉजिस्ट कैसे बनें

विकलांगता या दीर्घकालिक बीमारी के साथ मानसिक रूप से तालमेल बिठाने में लोगों की मदद करता है।

एक नज़र में

क्षेत्रमानसिक स्वास्थ्य और कल्याण
योग्यता का समय4+ वर्ष
प्रवेश परीक्षाNone/State Board
परीक्षा तीव्रताकम
वेतन सीमा₹4–22 LPA
Class 10 के बाद स्ट्रीमविज्ञान (PCB)

रास्ता (Class 10 से)

MPhil क्लिनिकल साइकोलॉजी (रिहैबिलिटेशन); RCI पंजीकरण

एक दिन की झलक

आप 4 थेरेपी सेशन लेते हैं — शोक, चिंता, रिश्तों से जुड़ी समस्याएं — विस्तृत केस नोट्स लिखते हैं, और एक जटिल मामले को लेकर मनोचिकित्सक से सलाह लेते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत में रिहैबिलिटेशन साइकोलॉजिस्ट कैसे बनें?

सामान्य रास्ता है: MPhil क्लिनिकल साइकोलॉजी (रिहैबिलिटेशन); RCI पंजीकरण। इसमें लगभग 4+ वर्ष लगते हैं।

रिहैबिलिटेशन साइकोलॉजिस्ट के लिए कौन-सी प्रवेश परीक्षा चाहिए?

मुख्य प्रवेश परीक्षा None/State Board है।

भारत में रिहैबिलिटेशन साइकोलॉजिस्ट का वेतन कितना है?

वेतन आमतौर पर लगभग ₹4–22 LPA (शुरुआती से वरिष्ठ स्तर तक) होता है।

रिहैबिलिटेशन साइकोलॉजिस्ट के लिए मुझे कौन-सी स्ट्रीम चुननी चाहिए?

Class 10 के बाद अनुशंसित स्ट्रीम: विज्ञान (PCB)।

क्या यह करियर आपके लिए सही है?

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