भारत में ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट (मानवाधिकार कार्यकर्ता) कैसे बनें

नागरिक स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए वकालत और मुकदमेबाजी करता है।

एक नज़र में

क्षेत्रसामाजिक और कल्याण
योग्यता का समय4+ वर्ष
प्रवेश परीक्षाCLAT
परीक्षा तीव्रताअधिक
वेतन सीमा₹3–15 LPA
Class 10 के बाद स्ट्रीमआर्ट्स / मानविकी, कोई भी स्ट्रीम

रास्ता (Class 10 से)

LLB या MA ह्यूमन राइट्स (TISS, NLU दिल्ली — CHRD)

एक दिन की झलक

आप सुबह की सुनवाई के लिए केस नोट्स तैयार करते हैं, जज के सामने 45 मिनट तक बहस करते हैं, एक नए क्लाइंट से मिलकर उनके संपत्ति विवाद को समझते हैं, और एक नज़ीर पर शोध करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत में ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट (मानवाधिकार कार्यकर्ता) कैसे बनें?

सामान्य रास्ता है: LLB या MA ह्यूमन राइट्स (TISS, NLU दिल्ली — CHRD)। इसमें लगभग 4+ वर्ष लगते हैं।

ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट (मानवाधिकार कार्यकर्ता) के लिए कौन-सी प्रवेश परीक्षा चाहिए?

मुख्य प्रवेश परीक्षा CLAT है।

भारत में ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट (मानवाधिकार कार्यकर्ता) का वेतन कितना है?

वेतन आमतौर पर लगभग ₹3–15 LPA (शुरुआती से वरिष्ठ स्तर तक) होता है।

ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट (मानवाधिकार कार्यकर्ता) के लिए मुझे कौन-सी स्ट्रीम चुननी चाहिए?

Class 10 के बाद अनुशंसित स्ट्रीम: आर्ट्स / मानविकी, कोई भी स्ट्रीम।

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