भारत में सस्टेनेबिलिटी / ESG कंसल्टेंट कैसे बनें
कंपनियों को उनके पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभाव को मापने और कम करने में मदद करते हैं।
एक नज़र में
| क्षेत्र | विशिष्ट और उभरते पेशे |
| योग्यता का समय | 3+ वर्ष |
| प्रवेश परीक्षा | None/State Board |
| परीक्षा तीव्रता | कम |
| वेतन सीमा | ₹5–35 LPA |
| Class 10 के बाद स्ट्रीम | कोई भी स्ट्रीम |
रास्ता (Class 10 से)
MBA सस्टेनेबिलिटी / M.Sc ESG; GRI, SASB, TCFD सर्टिफिकेशन
एक दिन की झलक
आप किसी परिचालन समस्या का पता लगाने के लिए क्लाइंट के हितधारकों से बातचीत करते हैं, अपने निष्कर्षों को एक स्लाइड डेक में व्यवस्थित करते हैं, और शीर्ष प्रबंधन (C-suite) के सामने सिफारिशें प्रस्तुत करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत में सस्टेनेबिलिटी / ESG कंसल्टेंट कैसे बनें?
सामान्य रास्ता है: MBA सस्टेनेबिलिटी / M.Sc ESG; GRI, SASB, TCFD सर्टिफिकेशन। इसमें लगभग 3+ वर्ष लगते हैं।
सस्टेनेबिलिटी / ESG कंसल्टेंट के लिए कौन-सी प्रवेश परीक्षा चाहिए?
मुख्य प्रवेश परीक्षा None/State Board है।
भारत में सस्टेनेबिलिटी / ESG कंसल्टेंट का वेतन कितना है?
वेतन आमतौर पर लगभग ₹5–35 LPA (शुरुआती से वरिष्ठ स्तर तक) होता है।
सस्टेनेबिलिटी / ESG कंसल्टेंट के लिए मुझे कौन-सी स्ट्रीम चुननी चाहिए?
Class 10 के बाद अनुशंसित स्ट्रीम: कोई भी स्ट्रीम।
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