भारत में प्रोडक्ट डिज़ाइनर कैसे बनें

यूज़र-केंद्रित डिजिटल या भौतिक उत्पाद डिज़ाइन करता है; यह काम UX और इंडस्ट्रियल डिज़ाइन से भी जुड़ा होता है।

एक नज़र में

क्षेत्रवास्तुकला और डिज़ाइन
योग्यता का समय4+ वर्ष
प्रवेश परीक्षाJEE
परीक्षा तीव्रताअधिक
वेतन सीमा₹4–32 LPA
Class 10 के बाद स्ट्रीमविज्ञान (PCM), आर्ट्स / मानविकी

रास्ता (Class 10 से)

B.Des या B.Tech → M.Des प्रोडक्ट डिज़ाइन (IITs, NID)

एक दिन की झलक

आप सुबह 3 यूज़र्स के साथ यूज़ेबिलिटी टेस्ट करते हैं, उनके फीडबैक के आधार पर एक उलझे हुए ऑनबोर्डिंग फ्लो को फिर से डिज़ाइन करते हैं, और प्रोडक्ट टीम के सामने वायरफ्रेम प्रस्तुत करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत में प्रोडक्ट डिज़ाइनर कैसे बनें?

सामान्य रास्ता है: B.Des या B.Tech → M.Des प्रोडक्ट डिज़ाइन (IITs, NID)। इसमें लगभग 4+ वर्ष लगते हैं।

प्रोडक्ट डिज़ाइनर के लिए कौन-सी प्रवेश परीक्षा चाहिए?

मुख्य प्रवेश परीक्षा JEE है।

भारत में प्रोडक्ट डिज़ाइनर का वेतन कितना है?

वेतन आमतौर पर लगभग ₹4–32 LPA (शुरुआती से वरिष्ठ स्तर तक) होता है।

प्रोडक्ट डिज़ाइनर के लिए मुझे कौन-सी स्ट्रीम चुननी चाहिए?

Class 10 के बाद अनुशंसित स्ट्रीम: विज्ञान (PCM), आर्ट्स / मानविकी।

क्या यह करियर आपके लिए सही है?

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