भारत में महामारी विज्ञानी (एपिडेमियोलॉजिस्ट) कैसे बनें

बीमारियों के फैलने के पैटर्न पर नज़र रखते हैं; प्रकोप से निपटने और निगरानी की व्यवस्था बनाते हैं।

एक नज़र में

क्षेत्रसार्वजनिक स्वास्थ्य और नीति
योग्यता का समय6+ वर्ष
प्रवेश परीक्षाNEET
परीक्षा तीव्रताअधिक
वेतन सीमा₹6–28 LPA
Class 10 के बाद स्ट्रीमविज्ञान (PCB)

रास्ता (Class 10 से)

MBBS या M.Sc + MPH या M.Sc एपिडेमियोलॉजी

एक दिन की झलक

आप 3 जिलों से मिले बीमारी के प्रकोप के डेटा का विश्लेषण करते हैं, संक्रमण के स्रोत की पहचान करते हैं, और जिला स्वास्थ्य अधिकारी को रोकथाम की सिफारिशों के बारे में जानकारी देते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत में महामारी विज्ञानी (एपिडेमियोलॉजिस्ट) कैसे बनें?

सामान्य रास्ता है: MBBS या M.Sc + MPH या M.Sc एपिडेमियोलॉजी। इसमें लगभग 6+ वर्ष लगते हैं।

महामारी विज्ञानी (एपिडेमियोलॉजिस्ट) के लिए कौन-सी प्रवेश परीक्षा चाहिए?

मुख्य प्रवेश परीक्षा NEET है।

भारत में महामारी विज्ञानी (एपिडेमियोलॉजिस्ट) का वेतन कितना है?

वेतन आमतौर पर लगभग ₹6–28 LPA (शुरुआती से वरिष्ठ स्तर तक) होता है।

महामारी विज्ञानी (एपिडेमियोलॉजिस्ट) के लिए मुझे कौन-सी स्ट्रीम चुननी चाहिए?

Class 10 के बाद अनुशंसित स्ट्रीम: विज्ञान (PCB)।

क्या यह करियर आपके लिए सही है?

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