भारत में अंतरिक्ष यात्री (एस्ट्रोनॉट) कैसे बनें
अंतरिक्ष में अनुसंधान और संचालन करता है; पायलट या मिशन स्पेशलिस्ट के रूप में।
एक नज़र में
| क्षेत्र | परिवहन और लॉजिस्टिक्स |
| योग्यता का समय | 4+ वर्ष |
| प्रवेश परीक्षा | None/State Board |
| परीक्षा तीव्रता | कम |
| वेतन सीमा | ₹8–30 LPA |
| Class 10 के बाद स्ट्रीम | कोई भी स्ट्रीम |
रास्ता (Class 10 से)
STEM PhD + फाइटर पायलट या टेस्ट पायलट अनुभव; ISRO गगनयान चयन
एक दिन की झलक
आप प्री-फ्लाइट चेक पूरे करते हैं, अपने को-पायलट को रूट और मौसम के बारे में जानकारी देते हैं, 2 घंटे के सेक्टर में 200 यात्रियों को लेकर उड़ान भरते हैं, और लैंडिंग के बाद केबिन क्रू के साथ ब्रीफिंग करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत में अंतरिक्ष यात्री (एस्ट्रोनॉट) कैसे बनें?
सामान्य रास्ता है: STEM PhD + फाइटर पायलट या टेस्ट पायलट अनुभव; ISRO गगनयान चयन। इसमें लगभग 4+ वर्ष लगते हैं।
अंतरिक्ष यात्री (एस्ट्रोनॉट) के लिए कौन-सी प्रवेश परीक्षा चाहिए?
मुख्य प्रवेश परीक्षा None/State Board है।
भारत में अंतरिक्ष यात्री (एस्ट्रोनॉट) का वेतन कितना है?
वेतन आमतौर पर लगभग ₹8–30 LPA (शुरुआती से वरिष्ठ स्तर तक) होता है।
अंतरिक्ष यात्री (एस्ट्रोनॉट) के लिए मुझे कौन-सी स्ट्रीम चुननी चाहिए?
Class 10 के बाद अनुशंसित स्ट्रीम: कोई भी स्ट्रीम।
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